आखिर क्यों नाराज हैं कुमार विश्वास सैफ अली खान और करीना कपूर से?

आजकल कुमार विश्वास पुन सुर्खियों में है। हाल ही में उन्होंने मुरादाबाद के अपने एक सम्मेलन में अपने वाक्य में करीना कपूर खान और सैफ अली खान को संबोधित करते हुए कहा। की उन्होंने अपने बड़े पुत्र का नाम तैमूर रखकर बड़ा ही असामाजिक कार्य किया है। उन्होंने सैफ अली खान और करीना कपूर की निंदा करते हुए कहा की आखिर उन्होंने अपने पुत्र का नाम तैमूर ही क्यों रखा?
कुमार विश्वास का कहना है, कि एंटरटेनमेंट की दुनिया में सभी अभिनेता व अभिनेत्रियों को यह समझना चाहिए की वह लोगों के प्रतिनिधि हैं। लोग उनसे प्यार करते हैं, और वह जो भी करते हैं लोगों की नजर उन पर होती है। वह इतने प्रचलित इसलिए है, क्योंकि लोगों का प्यार उनके साथ हैं। तो उन्हें भी लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।उनका कहना हैं! कि मायानगरी में बैठे लोगों को यह समझना चाहिए। कि देश क्या चाहता है? अब वेहम से केवल सिर्फ सम्मान नहीं पा सकते, बल्कि बदले में उन्हें भी हमारी भावनाओं का सम्मान करना होगा।

हम उनकी फिल्मों की टिकट खरीदते हैं, हम उन्हें पैसे देते हैं, और उन्हीं सम्मान से और उसी प्यार से वो हीरो और हिरोइन बनते हैं। और यदि आप अपने आप अपने बच्चों का नाम एक ऐसे व्यक्ति पर रखना चाहते हैं। जिसने न केवल हमारे देश में जबरदस्ती घुसपैठ की बल्कि हमारे देश की स्त्रियों का अपमान भी किया।तो यह एक बहुत ही निंदाजनक काम हैं।
कुमार विश्वास का कहना है कि वह अपने बेटे का नाम यूसुफ,स्माइल,उस्मान या रिजवान जैसा कुछ भी रख सकते थे। परन्तु फिर भी उन्होंने अपने अपने पुत्र का नाम एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर रखा। जिसने जबरदस्ती भारत में घुसपैठ करी और यहाँ की माताओं और बहनों को लज्जित किया।अपने मंच से कुमार विश्वास ने यह भी कहा की। यह एक नया भारत है, यह एक जागरूक भारत हैं। यदि वह भारत का सम्मान नहीं करेंगे।तो भारतीय भी जानते हैं कि उन्हें किसे प्यार देना चाहिए और किसे नहीं?

कुमार विश्वास का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है। क्या उन्होंने अपने पुत्र का नाम किसी ऐसे व्यक्ति के नाम पर रखा है।जो भारस मे अपनी अमनवियता के लिए कुखयात हैं। करीना कपूर ने अपने पुत्र के जन्म के बाद आपने उसके द्वारा रखे गए नाम के कारण। बहुत से अपमानजनक फ़ोन कॉल्स और धमकियों का भी सामना किया है। तो उन्हें समझ जाना चाहिए,उन होने जो ये कार्य कर किया हैृ। वह सामाजिक रूप से उचित नहीं है।




















